28/12/2023
यकीनन मुसलमान आज देश पर बोझ हैं !
देश में आज मुस्लिमों की आबादी है लगभग 18 % पर इनके इस्लामिक नजरिये और दर्जन भर बच्चे पैदा करने के कारण.....
प्राईवेट हॉस्पिटल में तो इनकी भर्ती है मात्र 4% पर मुफ्त के सरकारी अस्पतालों में मुस्लिम मरीज हैं लगभग 45% !
ये गैर मुस्लिम का खून लेने के लिये तो तुरन्त लेट जाएंगे पर जब देने की बारी आएगी तो आसमानी किताब का हवाला देकर अपने सगों को भी देने से भी पीछे हट जाएंगें !
रक्तदान शिविरों में इनकी उपस्थिति लगभग नगण्य ही होती है और अंगदान तो खैर इस्लाम में ही हराम है !
पुलिस में ये हैं मात्र 6% पर जेलों में हैं लगभग 32% !
ऑलंपिक और एशियाड के व्यक्तिगत-पदक विजेताओं में ये हैं आज लगभग शून्य....
पर अपराधों में ये हैं लगभग 44% !
इनकम टैक्स में इनका योगदान है मात्र 3% पर बिजली-पानी चोरी में ये हैं 61% !
नई कार खरीदी में ये हैं 6% पर पंचर बनाने जैसे कामों में हैं 67% !
समाजसेवा में इनकी महिलाएं हैं सिर्फ 2% पर कुल वेश्याओं में इनकी भागीदारी है 41% !
मंहगे मॉलों में ये मिलेंगें 4% पर सस्ते सब्सिडाइज्ड चिडियाघर में ये मिलेंगें 47% !
महंगे निजी स्कुलों में तो इनके बच्चे हैं लगभग 4% पर खैराती मदरसों मे हैं पूरे 100% !
सिमी जैसे देशविरोधी आतंकी संगठनों में तो ये हैं 100% पर इसरो और डीआरडीओ जैसे संस्थाओं में ये हैं महज 2% !
देशहित में नारे लगाने में ये हैं 1% पर देशद्रोह के कुल आरोपियों में ये हैं 95% !
फिर भी इनके मस्जिद और मदरसों को सरकारी सहायता मिलती है और मंदिरों का चढ़ावा सरकार ले लेती है !!।
उर्दू भाषा के ज्ञान की विद्दवता के आधार पर इनको आईएएस और आईपीएस बना दिया जाता है और संस्कृत का “सवर्ण” विद्वान भिक्षा का कटोरा लेकर दर दर भटकता है।