Raj Event's Organizer

Raj Event's Organizer We manage to provide you an array of corporate event services which will ensure you assistance in planning an unforgettable experience for your guests.

""राज केटरर्स ""🍴 एक पेशेवर कैटरिंग कंपनी है.हमे अतिथियौ के मूड प्रसन्न जो विभिन्न प्रकार के भारतीय व्यंजनों की इच्छा रख...
10/10/2016

""राज केटरर्स ""🍴 एक पेशेवर कैटरिंग कंपनी है.
हमे अतिथियौ के मूड प्रसन्न जो विभिन्न प्रकार के भारतीय व्यंजनों की इच्छा रखते है, उनके लिये हम खानपान मै विशेषज्ञता और पकड़ रखते है,🍴
दिल्ली / उत्तर प्रदेश / पंजाब / अब सम्पूर्ण छत्तीसगढ़ में हम सभी स्वाद और बजट के अनुरूप खानपान मेनू, सेवाओं के लिए जाने जाते हे.🍴
विवाह / वर्षगांठ / जन्मदिन / कॉर्पोरेट / घर परवेश / स्वागत / थीम पार्टी / विशेष अवसर / किट्टी / वीआईपी / स्कूलों / कालेजों / कार्यालयों आदि.....पार्टियों मै सभी प्रकार व्यवस्थित करने के लिए पूरी तरह से एकीकृत सेवा प्रदाता है.🍴
कैटरिंग सेवाओं के लिये हमसे एक बार चर्चा ज़रूर करे और हमारा वादा है आपसे हमारा खानपान मेनू आपको प्रसन्न कर देगा l ✌
👉 संपर्क: 9584373414 / 9827473523
ईमेल: [email protected]
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👳 👷 "" शादी जरुरी हैं "" 👷 👳 😇शादी मेरे देश की हैं एक विडम्बनाजीवन हैं भारी शादी बिना 😇तन पर कपड़ा होना न होदो निवाले खान...
18/09/2016

👳 👷 "" शादी जरुरी हैं "" 👷 👳 😇
शादी मेरे देश की हैं एक विडम्बना
जीवन हैं भारी शादी बिना 😇
तन पर कपड़ा होना न हो
दो निवाले खाने को हो न हो 😇
पर शादी हैं बहुत जरुरी
इसके बिना जिन्दगी हैं अधूरी 😇
हर वो इंसान अभागा हैं जिसके जीवन में शहनाई नहीं
हर वो इन्सान नाकारा हैं जिसके घर सजी बारात नहीं 😇
सलमान और पोपटलाल भी बैचारा हैं
क्यूंकि वो भी अब तक कुँवारा हैं 😇
घर में बैठी कुँवारी कन्या पुरे मौहल्ले को खलती हैं
मेरे देश की हैं ये विडम्बना बिना शादी भारी यहाँ जीवन नहीं हैं 😇
हम सभी कहीं ना कहीं शादी के नाम से ही डर जाते हैं |
माना शादी जरुरी हैं बुढ़ापे में एक साथ जरुरी होता हैं 👷 👳 👷 👳 👷 👳 👷 👳 👷 .

"""💕हमारे ज़माने में मोबाइल नहीं थे 💕""" 🐊चश्मा साफ़ करते हुए उस बुज़ुर्ग ने अपनी पत्नी से कहा : हमारे ज़माने में मोबाइल...
17/09/2016

"""💕हमारे ज़माने में मोबाइल नहीं थे 💕""" 🐊चश्मा साफ़ करते हुए उस बुज़ुर्ग ने अपनी पत्नी से कहा : हमारे ज़माने में मोबाइल नहीं थे..
*पत्नी*: पर ठीक पाँच बजकर पचपन मिनट पर मैं पानी का ग्लास लेकर दरवाज़े पे आती और आप आ पहुँचते.. 💕
*पति* : हाँ मैंने तीस साल नौकरी की पर आज तक मैं ये नहीं समझ पाया कि मैं आता इसलिए तुम पानी लाती थी या तुम पानी लेकर आती थी इसलिये मैं आता था.. 💕
*पत्नी* : हाँ.. और याद है.. तुम्हारे रिटायर होने से पहले जब तुम्हें डायबीटीज़ नहीं थी और मैं तुम्हारी मनपसन्द खीर बनाती तब तुम कहते कि आज दोपहर में ही ख़याल आया कि खीर खाने को मिल जाए तो मज़ा आ जाए.. 💕
*पति*: हाँ.. सच में.. ऑफ़िस से निकलते वक़्त जो भी सोचता, घर पर आकर देखता कि तुमने वही बनाया है.. 💕
*पत्नी* : और तुम्हें याद है जब पहली डिलीवरी के वक़्त मैं मैके गई थी और जब दर्द शुरु हुआ मुझे लगा काश.. 💕
तुम मेरे पास होते.. और घंटे भर में तो जैसे कोई ख़्वाब हो, तुम मेरे पास थे.. 💕
*पति* : हाँ.. उस दिन यूँ ही ख़याल आया कि ज़रा देख लूँ तुम्हें !! 💕
*पत्नी*: और जब तुम मेरी आँखों में आँखें डाल कर कविता की दो लाइनें बोलते.. 💕
*पति*: हाँ और तुम शर्मा के पलकें झुका देती और मैं उसे कविता की 'लाइक' समझता !! 💕
*पत्नी*: और हाँ जब दोपहर को चाय बनाते वक़्त मैं थोड़ा जल गई थी और उसी शाम तुम बर्नोल की ट्यूब अपनी ज़ेब से निकाल कर बोले, इसे अलमारी में रख दो.. 💕
*पति*: हाँ.. पिछले दिन ही मैंने देखा था कि ट्यूब ख़त्म हो गई है,पता नहीं कब ज़रूरत पड़ जाए, यही सोच कर मैं ट्यूब ले आया था !! 💕
*पत्नी*: तुम कहते आज ऑफ़िस के बाद तुम वहीं आ जाना सिनेमा देखेंगे और खाना भी बाहर खा लेंगे.. 💕
*पति*: और जब तुम आती तो जो मैंने सोच रखा हो तुम वही साड़ी पहन कर आती.. 💕 🐊फिर नज़दीक जा कर उसका हाथ थाम कर कहा: हाँ हमारे ज़माने में मोबाइल नहीं थे.. 💕
पर.. "हम दोनों थे !!" 💕
*पत्नी*: आज बेटा और उसकी बहू साथ तो होते हैं पर.. 💕
बातें नहीं फेसबुक / व्हाट्सएप होता है..
लगाव नहीं टैग होता है..
केमिस्ट्री नहीं कमेन्ट होता है..
लव नहीं लाइक होता है..
मीठी नोकझोंक नहीं अनफ़्रेन्ड होता है..
उन्हें बच्चे नहीं कैन्डीक्रश सागा, टैम्पल रन और सबवे सर्फ़र्स चाहिए.. 💕
*पति* : छोड़ो ये सब बातें.. 💕
हम अब वायब्रंट मोड पे हैं, हमारी बैटरी भी 1 लाइन पे है.. अरे..!! कहाँ चली..?
*पत्नी* : चाय बनाने.. 💕
*पति* : अरे मैं कहने ही वाला था, कि चाय बना दो ना.. 💕
*पत्नी* : पता है.. मैं अभी भी कवरेज में हूँ और मैसेज भी आते हैं.. 💕
दोनों हँस पड़े.. 😂 😂
*पति* : हाँ हमारे ज़माने में मोबाइल नहीं थे..!!.
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16/09/2016

🐠एक फकीर बहुत दिनों तक बादशाह के साथ रहा. 🐊
बादशाह का बहुत प्रेम उस फकीर पर हो गया। प्रेम भी इतना कि बादशाह भोजन भी अपने साथ बैठकर खीलाता। 💕 👻
कोई भी काम दोनों साथ-साथ ही करते।
एक दिन दोनों शिकार के गए और रास्ता भटक गए। भूखे-प्यासे एक पेड़ के नीचे पहुंचे।
पेड़ पर एक ही फल लगा था। 💕 👻
बादशाह ने घोड़े पर चढ़कर फल को अपने हाथ से तोड़ा। बादशाह ने फल के छह टुकड़े किए और अपनी आदत के मुताबिक पहला टुकड़ा फकीर को दिया। 💕 👻
फकीर ने टुकड़ा खाया और बोला, ‘बहुत स्वादिष्ट है!’ ऎसा फल पहले कभी नहीं खाया। एक टुकड़ा और दे दें। दूसरा टुकड़ा भी फकीर को मिल गया। 💕 👻
फकीर ने एक टुकड़ा और बादशाह से मांग
लिया। इसी तरह फकीर ने पांच टुकड़े मांग कर खा लिए। 💕 👻
जब फकीर ने आखिरी टुकड़ा मांगा, तो बादशाह ने कहा, ‘यह सीमा से बाहर है। आखिर मैं भी तो भूखा हूं। 💕 👻
मेरा तुम पर प्रेम है, पर तुम मुझसे प्रेम नहीं करते। 💕 👻
और राजा ने फल का टुकड़ा मुंह में रख लिया।
मुंह में रखते ही राजा ने उसे थूक दिया,
क्योंकि वह कड़वा था। 💕 👻
राजा बोला, ‘तुम पागल तो नहीं, इतना कड़वा फल कैसे खा गए? 💕 👻 👮
उस फकीर का उत्तर था, 💕 👻
‘जिन हाथों से बहुत मीठे फल खाने को मिले,
एक कड़वे फल की शिकायत कैसे करूं?
सब टुकड़े इसलिए लेता गया ताकि आपको पता न चले। 💕 👻 👮
दोस्तों जँहा मित्रता हो वँहा संदेह न हो, आओ कुछ ऐसे रिश्ते रचे… 👮
कुछ हमसे सीखें , कुछ हमे सिखाएं. 👍

15/09/2016

💕 💕 जीवन में हँसना ज़रूरी है? 💕 💕
😂" पति-पत्नी पर मजाकिया कथन '😂👻
अच्छी शादी एक अंधी पत्नी
और बहरे पति के बीच ही हो सकती है. 👻
एक प्रेमी तब तक अपूर्ण है जब तक वह शादी नहीं कर लेता.उसके बाद तो वह ख़तम हो जाता है. 👻
सभी शादियाँ खुशगवार होती हैं. वो तो बाद में साथ रहने पे मुसीबत आती है. 👻
भला एक औरत उस आदमी के साथ कैसे खुश रहने की अपेक्षा कर सकती है,
जो उससे ऐसे बर्ताव करता हो,
जैसे कि वो एक सामान्य प्राणी हो. 👻
यदि आप प्रेम और विवाह के बारे में पढना चाहते हैं तो आपको दो अलग-अलग किताबें पढनी होंगी. 👻
पुराने समय में बलिदान वेदी पर दिए जाते थे. आज भी यही होता है. 👻
शादी दो लोगो के बीच का रिश्ता है, जिसमे एक को कभी जन्मदिन याद नहीं रहता और दुसरे को कभी नहीं भूलता. 👻
कॉलेज में पढ़ते हुए कभी शादी मत किजिए; अगर आपके भावी इम्प्लोयर को पता चल गया कि आप पहले ही एक गलती कर चुके हैं तो नौकरी मिलना मुश्किल है. 👻
शादी प्रकृति का तरीका है कि हम अनजान लोगो से लड़ाई ना करें. 👻
विवाह ना तो स्वर्ग है ना नर्क, वो तो बस एक यातना है.
😝 😝 😝 😂 😂 😂 😂 😃 😃
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10/09/2016

!!!! क्या नतीजा सुनाऊं !!!!

एक छोटे से कस्बे में एक आदमी ने दारू बार बिजनेस शुरू करने की सोची!
जो जगह उसने दारू बार खोलने के लिए चुनी वह बिल्कुल मंदिर के सामने थी!
मंदिर कमेटी ने इस बात का बड़ा विरोध किया कि वहां पर बार कतई नहीं खुलना चाहिए!
मंदिर के पुजारियों ने तो आत्मदाह तक करने की धमकी दे डाली और एक याचिका कोर्ट में दे दी कि कोर्ट आदेश दें की वह आदमी मंदिर के सामने दारू बार न बनायें!
पर वह बिजनेसमैन नही माना उसने बार बनाने के लिए निर्माण कार्य शुरू कर दिया!
जब यह बनकर पूरा होने वाला था तो एक दिन अचानक ही जोर की बिजली कड़की और उसका दारू बार पूरा टूट गया!
मंदिर कमेटी के सभी लोग काफी संतुष्ट थे कि बिना किसी विवाद के उसका दारू बार खुद ही टूट गया!
परन्तु दारू बार के मालिक ने कोर्ट जाकर मंदिर कमेटी के खिलाफ याचिका दर्ज की कि उसका बार प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष तौर पर मंदिर वालों द्वारा की गयी प्रार्थनाओं की वजह से ही टूटा है!
कोर्ट ने दोनों पक्षवालों को कोर्ट में आने के आदेश दिए दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद जज काफी असमंजस की स्थिति में पहुँच गया कि वह क्या निर्णय दें?
फिर जज ने दोनों पक्षों कि दलीलें सुनने व कागजी कार्यवाही देखने के बाद बोला मैं नही जानता कि मैं क्या नतीजा सुनाऊं?
एक तरफ दारू बार वाला है जो भगवान से कि गयी प्रार्थना पर विश्वास करता है और एक तरफ मंदिर के वे अधिकारी है जो हमेशा मंदिर में ही रहते है पर प्रार्थना पर विश्वास नही करते!

**** हे भगवान! ****एक दिन एक छोटा सा बच्चा अपनी छोटी सी गाड़ी घसीटता हुआ मंदिर से गुज़र रहा था। उपदेशक वहीं पर बाहर बैठे...
10/09/2016

**** हे भगवान! ****
एक दिन एक छोटा सा बच्चा अपनी छोटी सी गाड़ी घसीटता हुआ मंदिर से गुज़र रहा था। उपदेशक वहीं पर बाहर बैठे हुए थे, तभी गाड़ी का एक पहिया खुलकर गिर गया। “हे भगवान!” लड़का चिल्लाया,
पंडित ने कहा, बेटे, ऐसा नहीं कहते, कहो ‘भगवान की इच्छा! लड़के ने पहिया वापिस लगाया और घर चला गया!
अगले दिन, छोटा बच्चा फिर से उस मंदिर के पास से गुज़र रहा था और. पंडित भी बाहर थे इस बार दो पहिये खुल गए और लड़का फिर से चिल्लाया, हे भगवान! ...पंडित ने फिर कहा, बेटे, ऐसा नहीं कहते, कहो ‘भगवान की इच्छा' लड़के ने पहिया ठीक किया और घर चला गया!
अगले दिन, बच्चा फिर से मंदिर के पास से गुज़रा, पंडित इस बार भी बाहर खड़े थे! उसकी गाड़ी के तीन पहिये खुल कर गिर गए और लड़का फिर चिल्ला पड़ा, 'हे भगवान!'... पंडित ने फिर से कहा, बेटे ऐसा नहीं कहते, कहो ‘भगवान की इच्छा!' लड़का तीनों पहिये गाड़ी में लगाता है और वापस घर चला जाता है!
चौथे दिन भी लड़का मंदिर के पास से गुज़र रहा था,.... पंडित बाहर खड़े थे, और इस बार गाड़ी के चारों पहिये खुल कर गिर जाते हैं, लड़का गाड़ी को देखकर कहता है, भगवान की इच्छा!
अचानक चारों पहिये उछलकर गाड़ी में लग जाते हैं और पंडित कहता है, हे भगवान ??

10/08/2016

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Raipur
492001

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919584373414

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