27/03/2022
इमीग्रोम मीडियाटेक को इस सफल आयोजन पर गर्व है ll
दिव्यांग अस्पताल सेवा का सर्वश्रेष्ठ मंदिर -
सुशील मोदी
दिनांक 27.03.2022, पटना। आज भारत विकास एवं संजय आनंद विकलांग अस्पताल का 23वाँ स्थापना दिवस के अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में श्री सुशील कुमार मोदी ने कहा कि आप दान की परंपरा (आर्थिक या शारीरिक) को अपनायें ताकि बिहार से विकलांगता को खत्म किया जा सके। विशिष्ट अतिथि श्री नंदकिशोर यादव ने कहा कि गरीबों एवं दिव्यांगों की सेवा ही सच्ची सेवा है। उन्होंने कहा कि इस अस्पताल की नींव के समय से श्री सुनील आनंद जी जुड़े हैंै पर इसे आगे ले जाने की जिम्मेदारी नई पीढ़ी के लोगों की है।
न्यूयार्क से आये श्री सुनील आनंद ने कहा कि मैं जब भी इस अस्पताल में आता हूँ लगता है कि दुनिया के सबसे बढ़िया मंदिर में आया हूँ। मैं इस अस्पताल की नींव अपने बेटे की मृत्यु के बाद की है। इस अस्पताल में आने के बाद लगता है मेरा बेटा आज भी जीवित है।
मंच को संबोधित करते हुए अस्पताल के महासचिव पद्मश्री बिमल जैन ने कहा कि देश हमें देता है सब कुछ, हम भी तो कुछ देना सीखें। उन्होंने अस्पताल से संबंधित कार्यक्रमों जैसे मानसिक विकृति के बच्चों के इलाज के लिए 4 करोड़ की लागत से एक भव्य अस्पताल बनाने की बात कही। अस्पताल के प्राण डाॅ॰ एस.एस. झा ने अपने सम्बोधन में कहा कि पीड़ित मानवता की सेवा का यह अभूतपूर्व मंदिर है जहाँ से आप जुड़कर भगवान के दर्शन कर सकते हैं।
इस अवसर पर श्री आर.के. सिन्हा ने कहा कि मैं इस अस्पताल से काफी दिनों से जुड़ा हुआ हूँ। सांसद रहते मैं इस अस्पताल के लिए ज्यादा कुछ नहीं कर पाया परन्तु अब मैं इस अस्पताल के विकास के लिए 51 लाख रुपये का सहयोग मैं व्यक्तिगत रूप से दे रहा हूँ।
इस अवसर पर आदित्य विजन प्रा॰ लि॰ की प्रबंधक सुश्री योशम ने 200 मरीजों को कृत्रिम अंग देने की घोषणा की एवं एक्सरे मशीन प्लांट में आर्थिक सहयोग करेंगी।
इस अवसर पर नारायण सेवा समिति, उदयपुर के सौजन्य से करीब 200 मरीजों को कृत्रिम अंग प्रदान किया गया।
इमिग्रोम मीडिया के माध्यम से अस्पताल के बारे में जन-जन तक जानकारी पहुँचाने का श्रेष्ठ कार्य किया और कार्यक्रम संचालन में सहयोग किया।
मंच का संचालन पद्मश्री बिमल जैन ने किया एवं धन्यवाद ज्ञापन प्रो॰ विश्वनाथ अग्रवाल ने किया। इस अवसर पर शहर के वरिष्ठ समाजसेवियों की उपस्थिति उल्लेखनीय थी। विशेषकर तनसुख बैद, सरोज पाटनी जैन, लक्ष्मी नारायण भदानी, शिव भगवान गुप्ता, सरदार तरलोचन सिंह,आदि की उपस्थिति उल्लेखनीय थी।