Ikebana by Usha Agarwal

Ikebana by Usha Agarwal Usha Agarwal has finished her Komon Degree from Japan and has been practicing flower arrangement sin

09/04/2025
25/07/2023
13/07/2023

*अच्छा लगता था*😊👌👍

माँ के जाने के बाद मायका खतम हो जाता है , यह तो हमने बहुत सुना है , लेकिन सास के जाने के बाद ससुराल भी खतम हो जाता है यह कम ही सुनने को मिलता है!!
(किसी महिला की लिखी रचना है ) 🌹🙏🙏🙏🏻🙏🏻🌹
🌻ससुराल🌻
⛩️-----------⛩️
अक्सर कहा जाता है कि
मायका 💗
माँ के साथ ही,
खतम हो जाता है !
सच कहूं तो ,
ससुराल भी⛩️
सास के साथ ही
खतम हो जाता है !

रह जाती हैं बस यादें..

"उनकी वो त्योहारों पर कब क्या बनाना, क्या तैयारी करना, 1 दिन पहले से ही सभी को चेतावनी देना 😍

*अच्छा लगता था*😀👍

किस मौसम में कौन से अनाज भरना है 🌽,कौन से फल,🍊🍎🍌 आने वाले हैं कौन सी सब्जी 🫛🥒आने वाली है सभी पता रहता था!
मौसमी चीजे खाना चाहिए यह बताना उनका 😊

*अच्छा लगता था*..🤩👍

समाज का काम हो या मंदिर का उनका *मेहंदी लगा लेना,* अपने सभी गहने बहू को दे देना और यह पहन लो ,वो पहन लो उनका यह कहना....😊👌👍

*अच्छा लगता था*👌😊

व्रत उपवास मैं क्या खाना और क्या नहीं खाना चाहिए उनका यह बताना ...🍌🍊

*अच्छा लगता था*👍

उनकी उस *ख़ुश रहो*😊
वाले आशीष की,🙌
जो अपने गठजोड़ संग
उनके चरण स्पर्श👣🙌 करते ही मिलती थी तो बहुत👏

*अच्छा लगता था*👌😊🤩

उनकी उस दूरदृष्टि की जो,
मेरी अपूर्ण ख्वाहिशों के
मलाल को सांत्वना देते दिखतीं कि
'ग़म खाने से देर-सबेर सब मिल जाया करता है!'🕉️🙏

*अच्छा लगता है*😊

उनकी उस घबराहट की,
जो डिलीवरी के लिये अस्पताल
जाने के नाम से तैयार हो जाती कि🌹
पता नहीं क्यों जी घबड़ा रहा है!कहना....

*अच्छा लगता था*😊👍

उनके उस उलाहने की,
जो बच्चों संग सख्ती के दौरान सुनाया जाता,⚜️
*हमने भी तो बच्चो को पाला है*!कहना....

*अच्छा लगता था*😊😍

पहले तो कोई न कोई उनसे मिलने घर आया करते थे ,घर भरा रहता था ,उनका यू ओटले या दरवाजे पर बैठना !...

*अच्छा लगता था*🤩😃

अब तो मैं त्योंहारो पर
अक्सर मेहँदी लगाना भूल जाती हूँ,🌿😋
अब कोई नहीं जो याद दिलाये!
अब ....

"अच्छा *नही* लगता"😔😭

अब कोई त्यौहारों पर आता नही.....

अब रिश्तेदारों का आना भी बंद हो गया है.....
घर पर बड़े नही होते तो ....

"अच्छा *नही* लगता😔😭

सच ही है सास के बाद 💗
ससुराल भी ख़त्म हो जाता है..!
🙏😔😥
सच मुच यदि👆 यह कविता दिल को छूई हो तो शब्दों से या इमोजी से लाइक और फॉरवर्ड जरुर करना
*सास भी माँ ही है*🙏🙏🙏
*जिसके पास सास है वो किस्मत वाले है उनकी इज्जत कर लो, कभी हम भी सास बनेंगे, बाद में पछताना ना पड़ेगा* !...
*हम किस्मत वाले है हमारे पास सास है*😊👍👌

Icecream Museum  at Singapore
01/07/2023

Icecream Museum at Singapore

30/04/2023

*समयानुसार बदलता गया B F का मतलब*
एक नन्हें लड़के ने, नन्ही लड़की से कहा!
- I'm your BF! मैं तुम्हारा BF हूँ
-लड़की ने पूछा
- - What is BF ?
लड़का हंसा और बोला...
- यानी Best Friend. बेहद अच्छा दोस्त।
कुछ समय बीता, वह नौजवान हो गया, और लङकी बेहद सुंदर, उस ने लड़की से फिर कहा:
- I am your BF!!
-लड़की शर्माती सी उसके कंधे पर झुकी और आहिस्ता से पूछा, अब:
- - What is BF?
लड़का बोला:
- यानी पुरुष मित्र Boy Friend
कुछ वर्ष बीते उन्होंने शादी कर ली, उनको प्यारे प्यारे बच्चे हुए, पति मुस्कराया और अपनी पत्नी से बोला:
- I am your BF!
- पत्नी मुस्कराकर पति से बोली:
- - What is BF ?
अब BF यानी क्या
पति पुनः मुस्कराया और बच्चों की ओर निहारकर बोल पड़ा:
- आपके बच्चों का पिता Baby's father !
समय गुज़रे दोनों बुड्ढे हो गए, वो साथ बैठे, डूबते सूरज की ओर देख रहे थे, आंगन में , बुज़र्ग ने फिर दोहराया:
- मेरी प्रिय I am your BF!
- बुज़र्ग महिला हंस पड़ी, अपने झुर्रियों वाले चेहरे के साथ:
- - What is BF? अब BF यानी क्या?
बुड्ढा ख़ुशी से हँसा और रहस्यमयी आवाज़ में बोल पड़ा:
- Be Forever!
सदा एक दूजे के लिये।
जब बुजुर्ग जिंदगी की अंतिम सांसे ले रहा था , तब भी बोला:
- I am your BF.
- बुढ़िया गम से भरी बोली:
- - What is BF ??
आंखें बंद करते हुए बुजुर्ग बोला :
- यानी Bye Forever! अलविदा सदा के लिए
कुछ दिनों में बुजुर्ग महिला भी पंचतत्वों में विलीन हो गई, दीवार पर दोनों की साथ-साथ फोटो लगाई गई, और *बच्चों ने एक सुन्दर सी बात लिखवाई:*
*BF*
*Besides Forever !*
पास हूँ सदा के लिये !!
🙏

Lovely packing work and running stichWhere is your shop to buy kurtas
26/04/2023

Lovely packing work
and running stich
Where is your shop to buy kurtas

I’m continuing with the linen cover for this year’s stitch journal. Running stitch on linen I hardly ever do straight lines intentionally. I used masking tape to keep me on the straight and narrow.…

25/04/2023

*मुंशी प्रेमचंद जी की एक "सुंदर कविता", जिसके एक-एक शब्द को, बार-बार "पढ़ने" को "मन करता" है-_*

ख्वाहिश नहीं, मुझे
मशहूर होने की,"

_आप मुझे "पहचानते" हो,_
_बस इतना ही "काफी" है।_😇

_अच्छे ने अच्छा और_
_बुरे ने बुरा "जाना" मुझे,_

_जिसकी जितनी "जरूरत" थी_
_उसने उतना ही "पहचाना "मुझे!_

_जिन्दगी का "फलसफा" भी_
_कितना अजीब है,_

_"शामें "कटती नहीं और_
-"साल" गुजरते चले जा रहे हैं!_

_एक अजीब सी_
_'दौड़' है ये जिन्दगी,_

-"जीत" जाओ तो कई_
-अपने "पीछे छूट" जाते हैं और_

_हार जाओ तो,_
_अपने ही "पीछे छोड़ "जाते हैं!_😥

_बैठ जाता हूँ_
_मिट्टी पे अक्सर,_

_मुझे अपनी_
_"औकात" अच्छी लगती है।_

_मैंने समंदर से_
_"सीखा "है जीने का तरीका,_

_चुपचाप से "बहना "और_
_अपनी "मौज" में रहना।_

_ऐसा नहीं कि मुझमें_
_कोई "ऐब "नहीं है,_

_पर सच कहता हूँ_
_मुझमें कोई "फरेब" नहीं है।_

_जल जाते हैं मेरे "अंदाज" से_,
_मेरे "दुश्मन",_

-एक मुद्दत से मैंने_
_न तो "मोहब्बत बदली"_
_और न ही "दोस्त बदले "हैं।_

_एक "घड़ी" खरीदकर_,
_हाथ में क्या बाँध ली,_

_"वक्त" पीछे ही_
_पड़ गया मेरे!_😓

_सोचा था घर बनाकर_
_बैठूँगा "सुकून" से,_

-पर घर की जरूरतों ने_
_"मुसाफिर" बना डाला मुझे!_

_"सुकून" की बात मत कर-
-बचपन वाला, "इतवार" अब नहीं आता!_😓😥

_जीवन की "भागदौड़" में_
_क्यूँ वक्त के साथ, "रंगत "खो जाती है ?_

-हँसती-खेलती जिन्दगी भी_
_आम हो जाती है!_😢

_एक सबेरा था_
_जब "हँसकर "उठते थे हम,_😊

-और आज कई बार, बिना मुस्कुराए_
_ही "शाम" हो जाती है!_😓

_कितने "दूर" निकल गए_
_रिश्तों को निभाते-निभाते,_😘

_खुद को "खो" दिया हमने_
_अपनों को "पाते-पाते"।_😥

_लोग कहते हैं_
_हम "मुस्कुराते "बहुत हैं,_😊

_और हम थक गए_,
_"दर्द छुपाते-छुपाते"!😥😥

_खुश हूँ और सबको_
_"खुश "रखता हूँ,_

_ *"लापरवाह" हूँ ख़ुद के लिए_*
*-मगर सबकी "परवाह" करता हूँ।_😇🙏*

*_मालूम है_*
*कोई मोल नहीं है "मेरा" फिर भी_*

*कुछ "अनमोल" लोगों से_*
*-"रिश्ते" रखता हूँ।* ❤️

By

#वैदेही

06/04/2023

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