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अयोध्या धाम रेलवे स्टेशन, उत्तर प्रदेश, भारत! भारत के रेलवे स्टेशनों का बड़े पैमाने पर और तेज़ी से पुनर्विकास किया जा रह...
06/08/2025

अयोध्या धाम रेलवे स्टेशन, उत्तर प्रदेश, भारत! भारत के रेलवे स्टेशनों का बड़े पैमाने पर और तेज़ी से पुनर्विकास किया जा रहा है - कुछ सालों में यह स्टेशन भी औसत से नीचे दिखेगा।

कसाब का नाम तो हर एक शख्स ने सुना होगा? ये वो जल्लाद जिसने मुंबई हमले में सैकड़ों लोगों की जान ले ली। वहीं अब शिवसेना सा...
06/08/2025

कसाब का नाम तो हर एक शख्स ने सुना होगा? ये वो जल्लाद जिसने मुंबई हमले में सैकड़ों लोगों की जान ले ली। वहीं अब शिवसेना सांसद संजय राउत ने इस शख्स को लेकर हमदर्दी दिखाई है।संजय रावत वो शख्स है जो अक्सर अपने बयाना को लेकर सुर्खियों में रहते हैं। इस बार उन्होंने कहा है कि बेरोजगारी और शिक्षा की कमी शैतानों को जन्म देती है। इतना ही नहीं इस दौरान उन्होंने कहा कि, पाकिस्तान में शिक्षा और बेरोजगार लोगों का शोषण न होता, तो कसाब जैसे लोग पैदा ही नहीं होते।

जानिए क्या बोले संजय राउत

संजय राउत यहीं नहीं रुके इसके बाद संजय राउत ने बेरोज़गारी और शिक्षा पर सवाल उठाते हुए साफ तौर पर कहा कि जब तक देश में भुखमरी रहेगी, लोग भूख से तड़पते रहेंगे, तब तक राक्षस पैदा होते रहेंगे। इतना ही नहीं उन्होंने आगे कहा कि राक्षस भूख और बेरोज़गारी से पैदा होते हैं। घर चलाने के लिए इंसान राक्षस बन जाता है और चोरी डकैती जैसे काम भी किया करते हैं।

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बताया कैसे पैदा होते हैं पाक में शैतान

इतना ही नहीं इस दौरान सांसद ने कहा कि ऐसे लोग भारत, अफ़ग़ानिस्तान, श्रीलंका, सीरिया, रूस, इराक, ईरान और यूक्रेन में मौजूद हैं, और पाकिस्तान में भी इनकी बहुलता है। इसमें कोई नई बात नहीं है। उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि सरकार ही इन राक्षसों को पैदा करती है। वहीं फिर राउत ने कहा कि अगरपाकिस्तान में शिक्षा होती और गरीबी के खिलाफ कदम उठाए गए होते, तो वहां कसाब पैदा ही नहीं होता। उन्होंने आगे कहा कि वहां भी धर्म के आधार पर गरीबों और बेरोजगारों का शोषण होता है और उसके बाद शैतान पैदा होते हैं, कसाब उनमें से एक है. उन्होंने कहा कि भारत में भी ऐसे और भी लोग हैं।

कुलगाम में सुरक्षाबलों को मिली बड़ी कामयाबी, 2 आतंकी ढेर; तीसरे की खोज में ऑपरेशन जारीजम्मू-कश्मीर के कुलगाम जिले में सु...
06/08/2025

कुलगाम में सुरक्षाबलों को मिली बड़ी कामयाबी, 2 आतंकी ढेर; तीसरे की खोज में ऑपरेशन जारीजम्मू-कश्मीर के कुलगाम जिले में सुरक्षाबलों के साथ चल रही मुठभेड़ अभी भी जारी है। जानकारी के अनुसार अब 2 आतंकवादी मारे गए है। सेना के अनुसार, अखल के जंगलों में चल रही मुठभेड़ के दौरान रात भर विस्फोट और गोलीबारी जारी रही।अब तक दो आतंकवादी मारे जा चुके हैं। तीसरा आतंकवादी भी गोली लगने से घायल बताया जा रहा है। एक सैनिक भी घायल हुआ है और श्रीनगर के बेस अस्पताल में उसका इलाज चल रहा है। इस अभियान में अर्धसैनिक बल और उच्च तकनीक वाली निगरानी प्रणालियां शामिल हैं। मुठभेड़ स्थल श्रीनगर-जम्मू राष्ट्रीय राजमार्ग के पास है। पुलिस और सेना के शीर्ष अधिकारी घटनाक्रम पर कड़ी नजर रख रहे हैं। सूत्रों का कहना है कि यह साल के सबसे बड़े अभियानों में से एक हो सकता है।

पुंछ सेक्टर में भी हुई थी गोलीबारी

इस बीच, सेना की व्हाइट नाइट कोर ने बताया कि 30 जुलाई को जम्मू-कश्मीर के पुंछ सेक्टर में नियंत्रण रेखा (LoC) पर मुठभेड़ शुरू हो गई थी जब भारतीय सेना के जवानों ने सीमा बाड़ के पास संदिग्ध गतिविधि देखी। अधिकारियों के अनुसार, नियंत्रण रेखा पर निगरानी रख रहे सैनिकों ने पुंछ सेक्टर के सामान्य क्षेत्र में संदिग्ध परिस्थितियों में दो व्यक्तियों की गतिविधियां देखीं। सैनिकों द्वारा चुनौती दिए जाने पर संदिग्ध आतंकवादियों ने गोलीबारी शुरू कर दी, जिसके बाद सेना ने भी त्वरित जवाबी कार्रवाई की। व्हाइट नाइट कॉर्प्स ने X पर एक पोस्ट में कहा था कि व्हाइट नाइट कॉर्प्स का आतंकवादियों से संपर्क हुआ। पुंछ सेक्टर के जनरल इलाके में बाड़ के पास हमारे सैनिकों ने दो व्यक्तियों की संदिग्ध गतिविधियां देखीं थी।

शाही जामा मस्जिद इंतज़ामिया कमेटी के सदर ज़फ़र अली एडवोकेट शाही जामा मस्जिद हिंसा मामले में 131 दिन जेल में बिताने के बा...
06/08/2025

शाही जामा मस्जिद इंतज़ामिया कमेटी के सदर ज़फ़र अली एडवोकेट शाही जामा मस्जिद हिंसा मामले में 131 दिन जेल में बिताने के बाद मुरादाबाद जेल से रिहा हो गए हैं। जेल से बाहर आते ही उनका स्वागत किया गया। परिजनों और समर्थकों ने फूल-मालाएँ पहनाकर, ढोल-नगाड़ों और आतिशबाजी के साथ स्वागत किया।

मिलिए उस लड़की से, जो बनना चाहती थी डॉक्टर अब हाथ आई 72 लाख की नौकरी - नारी डेस्क: कभी NEET में असफल होने के बाद अपने सप...
06/08/2025

मिलिए उस लड़की से, जो बनना चाहती थी डॉक्टर अब हाथ आई 72 लाख की नौकरी - नारी डेस्क: कभी NEET में असफल होने के बाद अपने सपनों के टूटने का अनुभव करने वाली कर्नाटक की ऋतुपर्णा के.एस. (Rithuparna K S) ने आज Rolls-Royce जैसी वैश्विक कंपनी में नौकरी पाकर इतिहास रच दिया है। 20 साल की उम्र में वह सालाना 72.3 लाख रुपये का ऑफर पाकर सुर्खियां बटोरी हैं। चलिए जानते हैं उनकी कामयाबी के बारे में विस्तार से।


टूटा सपना
कर्नाटक के तीर्थहल्ली तालुक के कोदूरु की रहने वाली रितुपर्णा के. एस. का सपना NEET क्लियर करके डॉक्टर बनने का था, बाद में UPSC की तैयारी का विचार। हालांकि NEET परीक्षा में फेल होने के बाद उनका आत्मविश्वास बुरी तरह हिल गया। उन्होंने UPSC की तैयारी की भी सोची, लेकिन बाद में महसूस किया कि यह उनका असली सपना नहीं था।

नई दिशा की शुरुआत
रितुपर्णा ने AI और मशीन लर्निंग जैसे आधुनिक विषयों में रुचि ली। उन्होंने कड़ी मेहनत करके खुद को टेक्नोलॉजी और इंजीनियरिंग में माहिर बनाया। वह अपनी पढ़ाई के साथ-साथ प्रोजेक्ट्स, वर्कशॉप्स और ऑनलाइन कोर्सेस करती रहीं। रितुपर्णा ने रोल्स रॉयस में इंटर्नशिप के लिए संपर्क किया क्योंकि वह दुनिया में नाम कमाना चाहती थीं। हालांकि कंपनी ने पहले तो उन्हें यह कहकर मना कर दिया कि वह एक महीने में एक भी काम पूरा नहीं कर पाएंगी।

दिन रात कंपनी के लिए किया काम
रितुपर्णा ने एक महीने का समय मांगा। उनकी कार्यकुशलता से प्रभावित होकर कंपनी ने उन्हें और भी मुश्किल काम दिए। ब्रिटेन के काम के घंटों के हिसाब से काम करने के लिए वह आधी रात से सुबह 6 बजे तक काम करती थीं। दिसंबर 2024 में रितुपर्णा को 39.6 लाख रुपये का प्री-प्लेसमेंट ऑफर मिला। अप्रैल 2025 तक उनके परफॉर्मेंस को देखते हुए उनकी सैलरी बढ़ाकर 72.3 लाख रुपये सालाना कर दी गई। रितुपर्णा अपना 7वां सेमेस्टर पूरा करने के बाद रोल्स रॉयस में फुल-टाइम काम करने के लिए टेक्सास, अमेरिका जाएंगी

रितुपर्णा ने कायम की मिसाल
रितुपर्णा इस विभाग में काम करने वाली सबसे युवा महिला बनीं। उनकी यह कहानी दिखाती है कि एक असफलता से जीवन खत्म नहीं होता। अगर आप अपना रास्ता बदलते हैं और नए स्किल्स सीखते हैं, तो दुनिया में कुछ भी संभव है। उन्होंने ये भी कहा कि अगर NEET में सिलेक्शन हो जाता, तो शायद वे आज Rolls-Royce में न होतीं।

3 साल की उम्र में एसिड अटैक से खो दी थी आंखें, अब CBSE रिजल्ट में 12वीं में स्कूल टॉप किया कैफ़ी ने, देखते हैं बेटी की क...
05/08/2025

3 साल की उम्र में एसिड अटैक से खो दी थी आंखें, अब CBSE रिजल्ट में 12वीं में स्कूल टॉप किया कैफ़ी ने, देखते हैं बेटी की कामयाबी पर कितने लाइक्स मिलते हैं

बिहार के समस्तीपुर में अंतिम सोमवारी के दिन जलार्पण करने जा रहे दो कांवरियों की मौ-त हो गयी. उजियारपुर प्रखंड में एक बुज...
05/08/2025

बिहार के समस्तीपुर में अंतिम सोमवारी के दिन जलार्पण करने जा रहे दो कांवरियों की मौ-त हो गयी. उजियारपुर प्रखंड में एक बुजुर्ग महिला कांवरिया अचानक अचेत होकर सड़क पर गिर पड़ी और उनकी मौ-त हो गयी.जबकि दलसिंहसराय में ट्रक से टकराने पर बाइक सवार कांवरिया की मौ-त हुई है.

बुजुर्ग महिला कांवरिया की मौ-त

उजियारपुर प्रखंड के महिसारी पेट्रोल पंप के समीप रविवार की रात को एक वृद्ध महिला कांवरिया की मौ-त हो गई. मृतका अंगारघाट थाना क्षेत्र के हरपुर रेवाड़ी पंचायत के वार्ड 15 निवासी स्व. लुलहाई रजक की पत्नी व भोला रजक की मां बतायी गयी है.

अंतिम सोमवारी के दिन जल चढ़ाने निकलीं, रास्ते में हो गयी मौ-त

महिला रविवार को अपने परिजनों के साथ सावन की अंतिम सोमवारी पर जल चढ़ाने के लिए बेगूसराय जिले के झमटिया घाट से गंगाजल लेकर समस्तीपुर स्थित बाबा थानेश्वर नाथ महादेव मंदिर जा रही थी. इसी बीच महिसारी पेट्रोल पंप के समीप अचानक अचेत होकर महिला गिर गई. जबतक लोग कुछ समझ पाते, वृद्ध महिला ने दम तोड़ दिया. महिला के परिजन शव को लेकर चले गये.

दलसिंहसराय में खड़ी ट्रक से टकराई कांवरिया की बाइक, मौ-त दूसरी घटना दलसिंहसराय थाना क्षेत्र की है. जहां एनएच 28 पर लंगड़ा चौक के पास रविवार की देर रात को जल चढ़ाने के लिए समस्तीपुर थानेश्वर स्थान जा रहे कांवरिये की बाइक एनएच किनारे खड़ी ट्रक से टकरा गयी. इस घटना में बाइक चला रहे कांवरिया की मौत घटनास्थल पर ही ही गई. जबकि बाइक के पीछे बैठा एक कांवरिया गंभीर रूप से जख्मी हो गया. जिसे स्थानीय लोगों की मदद से इलाज के लिए अनुमंडलीय अस्पताल में भर्ती कराया गया. डॉक्टर ने उसे बेहतर इलाज के लिए पटना रेफर कर दिया है.

मृतक और जख्मी की पहचान

मृतक की पहचान कल्याणपुर थाना क्षेत्र के कुल्हारा गांव निवासी विनोद कुमार प्रसाद के पुत्र प्रभात कुमार (27) के रूप में हुई है. जबकि घायल की पहचान उसी गांव के सरोज महतो के पुत्र नितीश कुमार (16) के रूप में हुई. सरोज को बेहतर इलाज के लिए पीएमसीएच में भर्ती कराया गया है.

मोदी-योगी जी, मुझे बचाइए..." बेटे के आश्रम में मेरे साथ हो रहा अन्याय ! अनिरुद्धाचार्य के पिता का भावुक वीडियो वायरलउत्त...
05/08/2025

मोदी-योगी जी, मुझे बचाइए..." बेटे के आश्रम में मेरे साथ हो रहा अन्याय ! अनिरुद्धाचार्य के पिता का भावुक वीडियो वायरल
उत्तर प्रदेश की धर्मनगरी वृंदावन

इन दिनों धार्मिक संतों के बयानों और विवादों को लेकर चर्चा में है। प्रेमानंद महाराज और साध्वी ऋतंभरा के बयानों के बाद अब कथावाचक अनिरुद्ध आचार्य के आश्रम से जुड़ा एक नया मामला सामने आया है, जिसने सभी को चौंका दिया है।वायरल वीडियो में क्या है? सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें कथावाचक अनिरुद्ध आचार्य के पिता खुद सामने आकर शिकायत कर रहे हैं। इस वीडियो में वे सीधे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और स्थानीय प्रशासन से मदद की गुहार लगा रहे हैं। उनका आरोप है कि वे गौरी गोपाल आश्रम में रह रहे हैं, लेकिन वहां आश्रम के ही कुछ लोग उनका उत्पीड़न कर रहे हैं। उन्होंने आश्रम में हो रही अनियमितताओं और दुर्व्यवहार की बात कही है और कड़ी कार्रवाई की मांग की है।

उठे गंभीर सवाल इस वीडियो के सामने आने के बाद लोग सवाल उठा रहे हैं कि जो व्यक्ति खुद को विधवा माताओं की सेवा और गौसेवा में समर्पित बताते हैं, जिनका आश्रम सैकड़ों लोगों को भोजन और निवास देने का दावा करता है, उनके पिता ही जब पीड़ित हैं, तो आश्रम में रहने वाले दूसरे लोगों की स्थिति क्या होगी?

जांच की उठी मांग वीडियो वायरल होते ही लोगों ने पुलिस और प्रशासन से मांग की है कि अनिरुद्धाचार्य से पूछताछ की जाए और आश्रम में रह रही विधवा माताओं से भी बयान लिए जाएं ताकि सच्चाई सामने आ सके।

फिलहाल देश से बाहर हैं अनिरुद्धाचार्य सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, अनिरुद्धाचार्य इस समय विदेश यात्रा पर हैं और 5 अगस्त के बाद भारत लौटने की उम्मीद है। अब सभी की नजर इस पर टिकी है कि वे अपने पिता के गंभीर आरोपों पर क्या प्रतिक्रिया देते हैं।

बाई वनूरी एक प्रतिष्ठित भारतीय अभिनेता हैं जो मुख्यतः मराठी रंगमंच और फिल्मों में अपने काम के लिए जाने जाते हैं। उन्होंन...
05/08/2025

बाई वनूरी एक प्रतिष्ठित भारतीय अभिनेता हैं जो मुख्यतः मराठी रंगमंच और फिल्मों में अपने काम के लिए जाने जाते हैं। उन्होंने 1987 में रामानंद सागर द्वारा निर्देशित टेलीविजन धारावाहिक रामायण में राजा दशरथ की भूमिका निभाकर राष्ट्रीय ख्याति प्राप्त की। इस भूमिका में उनके अभिनय ने पूरे भारत के दर्शकों पर अमिट छाप छोड़ी।

उनका जन्म 1944 में महाराष्ट्र में हुआ था। शुरुआत में उन्होंने एक इंजीनियर के रूप में प्रशिक्षण लिया, लेकिन बाद में अभिनय के अपने जुनून को पूरा करने के लिए उन्होंने तकनीकी पेशे को छोड़ दिया। बाल धुरी ने अपने करियर की शुरुआत मराठी रंगमंच से की, जहाँ वे अपने दमदार अभिनय के लिए एक प्रसिद्ध हस्ती बन गए। बाद में उन्होंने हिंदी और गुजराती सिनेमा सहित फिल्मों में कदम रखा।

उन्होंने तेरे मेरे सपने और चिमनी पाखर जैसी कई उल्लेखनीय फ़िल्मों में अभिनय किया और कई दशकों तक मराठी नाटकों और फ़िल्मों में अभिनय करते रहे। युवाओं से लेकर वृद्ध राजाओं तक, विभिन्न आयु वर्ग के किरदारों को निभाने की उनकी क्षमता ने एक अभिनेता के रूप में उनकी बहुमुखी प्रतिभा को दर्शाया।

बाल धुरी का विवाह अभिनेत्री जयश्री गडकर से हुआ था, जिन्होंने रामायण में कौशल्या (भगवान राम की माता) का किरदार निभाया था। उनकी वास्तविक जीवन की शादी ने दशरथ और कौशल्या के रूप में उनके ऑन-स्क्रीन रिश्ते को और भी प्रामाणिक बना दिया। जयश्री का 2008 में निधन हो गया। इस जोड़े का एक बेटा है।

अभिनय के अलावा, बाल धुरी ने नई प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने में भी योगदान दिया है। उन्हें अभिनेता शिवाजी साटम को रंगमंच में पहला बड़ा मौका दिलाने का श्रेय दिया जाता है। उन्होंने अपनी दिवंगत पत्नी के सम्मान में "सुवर्ण नायिका जयश्री गडकर" नामक एक पुस्तक भी लिखी, जिसमें उनके करियर और जीवन का वर्णन है।

अपने पूरे करियर के दौरान, बाल धुरी सार्थक कहानी कहने और पारंपरिक रंगमंच के प्रति प्रतिबद्ध रहे और उन्होंने साथियों और दर्शकों का सम्मान अर्जित किया।

पांच साल पहले, आज ही के दिन, राम मंदिर का भूमिपूजन हुआ था... एक ऐतिहासिक दिन। ❤️
05/08/2025

पांच साल पहले, आज ही के दिन, राम मंदिर का भूमिपूजन हुआ था... एक ऐतिहासिक दिन। ❤️

खालिस्तानियों की नाक में दम करने वाले सिख की अमेरिका में अचानक मौ"त; उठ रहे कई सवालखा लिस्तानियों का पुरजोर विरोध करने व...
05/08/2025

खालिस्तानियों की नाक में दम करने वाले सिख की अमेरिका में अचानक मौ"त; उठ रहे कई
सवालखा
लिस्तानियों का पुरजोर विरोध करने वाले सिख सुखी चहल की अमेरिका के कैलिफोर्निया में संदिग्ध परिस्थितियों में मौ"त हो गई है। सुखी चहल अमेरिका में ही रहकर कारोबार करते थे। वह अकसर खालिस्तान के विरोध में बयान भी दिया करते थे।
जानकारों का कहना है कि उन्होंने अमेरिका में खालिस्तानियों की नाक में दम कर रखा था। सुखी के एक करीबी दोस्त जसपाल सिंह ने कहा कि शनिवार को उन्हें एक परिचित व्यक्ति ने डिनर पर बुलाया था। खाना खाने के बाद ही उनकी तबीयत खराब हो गई और मौके पर ही मौत हो गई। उन्होंने कहा कि पहले से सुखी को कोई स्वास्थ्य संबंधी समस्या नहीं थी। सुखी की अचानक मौत से कई सवाल भी उठ रहे हैं।

विदेश में खालिस्तानियों की गतिविधियों के खिलाफ सुखी अकसर मोर्चा खोले रहते थे। वहीं वॉशिंगटन में खालिस्तानी संगठनों के जनमत संग्रह से पहले उनकी अचानक मौ"त ने राज और गहरे कर दिए हैं। 17 अगस्त का खालिस्तानी संगठन वॉशिंगटन डीसी में जनमत संग्रह करवाने वाले हैं।

खालसा टुडे के संस्थापक और सीईओ सुखी चहल को अकसर खालिस्तानी धमकी देते रहते थे। इसके बाद भी वह निडर होकर खालिस्तानियों की आलोचना करते थे। सुखी के करीबी बूटा सिंह कलेर ने कहा कि उनकी मौ"त के बाद भारत का समर्थन करने वाले समुदाय में शोक की लहर दौड़ गई है। कलेर ने कहा, पुलिस उनकी मौत की जांच कर रही है। ऑटोप्सी रिपोर्ट में सच सामने आ जाएगा।

उन्होंने कहा, सुखी हमेशा ही भारतीयों को यही सलाह देते थे कि अमेरिका में रहना है तो यहां के कानून का पालन करना पड़ेगा।इसके अलावा अपराध से दूर रहना होगा। हाल ही में उन्होंने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट किया था। इसमें उन्होंने लिखा था, अमेरिका में कानून व्यवस्था बेहद कड़ी है। अगर आप कानून तोड़ते हैं तो आपका वीजा रद्द हो सकता है और आपको अमेरिका से वापस जाना पड़ सकता है।

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