13/05/2026
भगवान विष्णु का एक ऐसा मंदिर जहा प्रभु स्वयम् द्वारपाल के रूप में विराजित है .🙏
Triyuginarayan Dham uttarakhand..
भगवान विष्णु ने वामन अवतार लेकर राजा बलि से जब तीन पग में संसार को भी मांगा था तो प्रभु ने तिश्ररा पग राजा बलि के सर पे रख कर पाताल लोक पहुचा दिया ,राजा बलि के इस दान से प्रसन्न होके भगवान बामन ने वचन मांगने के लिए कहा ,तब राजा बलि ने उने अपने द्वारपाल के रूप में विराजित होने को कहा जो पाताल लोक की रखवाली करते है,और वही विराजमान होकर आज भी पाताल लोक की सुरक्षा करते है ..
इस मंदिर का नाम त्रियुगीनारायण क्यों पड़ा .👇
तीन युग से जल रही अखंड (धनंजय नमक अग्नि) त्रेतायुग से जल रही है .इस अग्नि कुंड में माता पार्वती और भोले बाबा ने साथ फेरे लिए.ओर भगवान वामन (विष्णु नारायण) का यह मंदिर इसीलिये मंदिर का नाम [ त्रियुगीनारायण पड़ा ]।।.
(शिव पार्वती विवाह) 👇
माता पार्वती ने कठोर तपस्या कर भगवान शिव को विवाह हेतु प्रसन्न किया और भगवान शिव ने माता पार्वती के