15/01/2020
मकर संक्रांति की शुभकामनाएँ
"माघ मकर गति रवि जब होई।
तीरथ पतिहिं आव सब कोई॥
देव दनुज किन्नर नर श्रेनी।
सादर मज्जहिं सकल त्रिवेनी॥
पूजहि माधव पद जल जाता।
परसि अखय वटु हरषहि गाता॥
भरद्वाज आश्रम अति पावन
परम रम्य मुनिवर मनभावन।।
मज्जहि प्रात समेत उछाहा।
कहहिं परस्पर हरिगुन गाहा।।"
माघमासे गमिष्यन्ति गंगात्रिवेणी संगमे,
ब्रह्माविष्णुमहादेवरुद्रादित्यमरुदगणाः।।
भगवान भास्कर के सम्पूर्ण उत्तरी गोलार्ध पर कृपा स्वरूप अधिक ऊर्जा पात के पर्व मकर संक्रांति की आप सभी को हार्दिक शुभकामनाएं एवं बधाई।
लोक कल्याण एवं जन आस्था के इस पावन पर्व की आप सभी को बधाई एवं शुभकामनाएं। ईश्वर हम सभी को आस्थावान, ऊर्जावान, प्रज्ञावान, सुप्रकाशित जीवन आदर्शों से युक्त दृष्टि एवं युक्ति प्रदान करें।