12/02/2025
बीते 7 फरवरी को उत्सव भवन में छोटी-सी घटना घटी है। बरहरवा एवं आस-पास के नागरिकों की जानकारी के लिए उसका जिक्र किया जा रहा है।
उत्सव भवन में 7-8 फरवरी की रात विवाह समारोह सम्पन्न होते-होते मध्यरात्रि के डेढ़ बज गये थे। भवन में ताला लगाते समय देखा गया कि दो बिजली मिस्त्री मुख्य हॉल में स्टेज के एक कोने पर कम्बल ओढ़कर सो रहे थे। चूँकि बाहर अच्छी-खासी ठण्ड थी, इसलिए इन्सानीयत के नाते उन्हें सोने दिया गया और मुख्य हॉल में ताला नहीं लगाया गया।
जिस कोने में वे दोनों सो रहे थे, वहीं टेबल पर भूरे रंग का एक जिप वाला बड़ा बैग रखा हुआ था, जो रात वहीं रह गया था। बैग में एक बड़ी सिन्दुरदानी थी (जिसे बड़ी पसन्द के साथ ग्यारह सौ रुपये में कोलकाता से खरीदा गया था) और पैण्ट-शर्ट का कपड़ा, एक साड़ी और एक लाला कपड़ा था।
अगले दिन बैग की खोज-बीन हुई, तो पता चला कि वह बैग अपनी जगह पर नहीं था। और एक दिन बाद पता चला कि डेकोरेटर द्वारा भेजे गये कम्बलों में से दो कम्बल (मिंक ब्लैंकेट) कम पड़ रहे थे।
चूँकि उत्सव भवन में सीसीटीवी कैमरे नहीं लगे हैं, इसलिए निश्चित रूप से कुछ कहा नहीं जा सकता कि ये सामान कहाँ गये, कौन इन्हें ले गया, लेकिन इतना निश्चित रूप से कहा जा सकता है कि रात डेढ़ बजे से सुबह करीब 7 बजे तक भवन में उन दो बिजली मिस्त्रियों के सिवा और कोई नहीं था। बाद में डेकोरेटर द्वारा उनसे पूछा गया, तो उनका कहना था कि वे बैग और कम्बलों के बारे में कुछ नहीं जानते।
उन दोनों को यह भी बता दिया गया था कि आज रात आठ बजे तक इस घटना का जिक्र किसी से नहीं किया जायेगा, लेकिन आठ बजकर एक मिनट पर इस घटना को सार्वजनिक कर दिया जायेगा।
किसी पर भी किसी भी तरह आरोप न लगाते हुए, केवल बरहरवा एवं आस-पास के नागरिकों की जानकारी के लिए इस घटनाक्रम का जिक्र किया जा रहा है, ताकि वे अपने घरों के आयोजनों के समय सतर्क रह सकें।
(फिलहाल बिजली मिस्त्रियों के नाम नहीं लिये जा रहे हैं, लेकिन जरूरत महसूस हुई, तो नामों का खुलासा भी किया जायेगा।)