21/10/2016
मेरे देश का एक बड़ा झोल
पैदा होते ही बजता शादी का ढोल
सपने दिखाते शादी के ही हर दम
पढ़ले बेटा नहीं तो दहेज़ मिलेगा कम
शादी के लड्डू कभी किसी को ना भाये
पर बिना इसे खाये रहा भी ना जाये
कैसी विकट परिस्थिती हैं भैया
रोटी गोल बनेगी तो ही मिलेगा सैंया
सात फेरों का हैं यह काला जादू
ख़ुशी मनाये दुनियाँ फंस जाये राजा बाबू