Hamara Manch

Hamara Manch Kavi Sammelan Organizer
(4)

13/07/2026

अब मत बोलना किसी को जोरू का ग़ुलाम 🤣

बरबाद-ए-मोहब्बत की दुआ साथ लिए जाटूटा हुआ इक़रार-ए-वफ़ा साथ लिए जाइक दिल था जो पहले ही तुझे सौंप दिया थाये जान भी ऐ जान-...
13/07/2026

बरबाद-ए-मोहब्बत की दुआ साथ लिए जा
टूटा हुआ इक़रार-ए-वफ़ा साथ लिए जा

इक दिल था जो पहले ही तुझे सौंप दिया था
ये जान भी ऐ जान-ए-अदा साथ लिए जा

तपती हुई राहों से तुझे आँच न पहुँचे
दीवानों के अश्कों की घटा साथ लिए जा

शामिल है मिरा ख़ून-ए-जिगर तेरी हिना में
ये कम हो तो अब ख़ून-ए-वफ़ा साथ लिए जा

हम जुर्म-ए-मोहब्बत की सज़ा पाएँगे तन्हा
जो तुझ से हुई हो वो ख़ता साथ लिए जा

साहिर लुधियानवी

12/07/2026

फीस माफ़ी की Application 🤣

मैं लाख कह दूँ कि आकाश हूँ ज़मीं हूँ मैंमगर उसे तो ख़बर है कि कुछ नहीं हूँ मैंअजीब लोग हैं मेरी तलाश में मुझ कोवहाँ पे ढ...
12/07/2026

मैं लाख कह दूँ कि आकाश हूँ ज़मीं हूँ मैं
मगर उसे तो ख़बर है कि कुछ नहीं हूँ मैं

अजीब लोग हैं मेरी तलाश में मुझ को
वहाँ पे ढूँड रहे हैं जहाँ नहीं हूँ मैं

मैं आइनों से तो मायूस लौट आया था
मगर किसी ने बताया बहुत हसीं हूँ मैं

वो ज़र्रे ज़र्रे में मौजूद है मगर मैं भी
कहीं कहीं हूँ कहाँ हूँ कहीं नहीं हूँ मैं

वो इक किताब जो मंसूब तेरे नाम से है
उसी किताब के अंदर कहीं कहीं हूँ मैं

सितारो आओ मिरी राह में बिखर जाओ
ये मेरा हुक्म है हालाँकि कुछ नहीं हूँ मैं

यहीं हुसैन भी गुज़रे यहीं यज़ीद भी था
हज़ार रंग में डूबी हुई ज़मीं हूँ मैं

ये बूढ़ी क़ब्रें तुम्हें कुछ नहीं बताएँगी
मुझे तलाश करो दोस्तो यहीं हूँ मैं

राहत इंदौरी

11/07/2026

नागा बाबा ने मारी लात 🤣

आदमी आदमी से मिलता हैदिल मगर कम किसी से मिलता हैभूल जाता हूँ मैं सितम उस केवो कुछ इस सादगी से मिलता हैआज क्या बात है कि ...
11/07/2026

आदमी आदमी से मिलता है
दिल मगर कम किसी से मिलता है

भूल जाता हूँ मैं सितम उस के
वो कुछ इस सादगी से मिलता है

आज क्या बात है कि फूलों का
रंग तेरी हँसी से मिलता है

सिलसिला फ़ित्ना-ए-क़यामत का
तेरी ख़ुश-क़ामती से मिलता है

मिल के भी जो कभी नहीं मिलता
टूट कर दिल उसी से मिलता है

कारोबार-ए-जहाँ सँवरते हैं
होश जब बे-ख़ुदी से मिलता है

रूह को भी मज़ा मोहब्बत का
दिल की हम-साएगी से मिलता है

जिगर मुरादाबादी

10/07/2026

मैं साथ साथ भागती रही रेल के 💞💘

इस नहीं का कोई इलाज नहींरोज़ कहते हैं आप आज नहींकल जो था आज वो मिज़ाज नहींइस तलव्वुन का कुछ इलाज नहींआइना देखते ही इतराए...
10/07/2026

इस नहीं का कोई इलाज नहीं
रोज़ कहते हैं आप आज नहीं

कल जो था आज वो मिज़ाज नहीं
इस तलव्वुन का कुछ इलाज नहीं

आइना देखते ही इतराए
फिर ये क्या है अगर मिज़ाज नहीं

ले के दिल रख लो काम आएगा
गो अभी तुम को एहतियाज नहीं

हो सकें हम मिज़ाज-दाँ क्यूँकर
हम को मिलता तिरा मिज़ाज नहीं

चुप लगी लाल-ए-जाँ-फ़ज़ा को तिरे
इस मसीहा का कुछ इलाज नहीं

दिल-ए-बे-मुद्दआ ख़ुदा ने दिया
अब किसी शय की एहतियाज नहीं

खोटे दामों में ये भी क्या ठहरा
दिरहम-ए-'दाग़' का रिवाज नहीं

बे-नियाज़ी की शान कहती है
बंदगी की कुछ एहतियाज नहीं

दिल-लगी कीजिए रक़ीबों से
इस तरह का मिरा मिज़ाज नहीं

इश्क़ है पादशाह-ए-आलम-गीर
गरचे ज़ाहिर में तख़्त-ओ-ताज नहीं

दर्द-ए-फ़ुर्क़त की गो दवा है विसाल
इस के क़ाबिल भी हर मिज़ाज नहीं

यास ने क्या बुझा दिया दिल को
कि तड़प कैसी इख़्तिलाज नहीं

हम तो सीरत-पसंद आशिक़ हैं
ख़ूब-रू क्या जो ख़ुश-मिज़ाज नहीं

हूर से पूछता हूँ जन्नत में
इस जगह क्या बुतों का राज नहीं

सब्र भी दिल को 'दाग़' दे लेंगे
अभी कुछ इस की एहतियाज नहीं

दाग़ देहलवी

09/07/2026

टेंशन भगाने का अचूक उपाय 🤣

आग बहते हुए पानी में लगाने आईतेरे ख़त आज मैं दरिया में बहाने आईफिर तिरी याद नए ख़्वाब दिखाने आईचाँदनी झील के पानी में नह...
09/07/2026

आग बहते हुए पानी में लगाने आई
तेरे ख़त आज मैं दरिया में बहाने आई

फिर तिरी याद नए ख़्वाब दिखाने आई
चाँदनी झील के पानी में नहाने आई

दिन सहेली की तरह साथ रहा आँगन में
रात दुश्मन की तरह जान जलाने आई

मैं ने भी देख लिया आज उसे ग़ैर के साथ
अब कहीं जा के मिरी अक़्ल ठिकाने आई

ज़िंदगी तो किसी रहज़न की तरह थी 'अंजुम'
मौत रहबर की तरह राह दिखाने आई

अंजुम रहबर

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